MOOT COURT 3 : Moot Court Memorial (अपीलकर्ता की ओर से) Ravindra Kumar Versus PIO, KDA
Moot Court Memorial (अपीलकर्ता की ओर से)
माननीय राज्य सूचना आयोग, उत्तर प्रदेश के समक्ष
(सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के अंतर्गत अपीलीय क्षेत्राधिकार)
मूट कोर्ट वाद संख्या: 03/2026
रविन्द्र कुमार ……… अपीलकर्ता
बनाम
लोक सूचना अधिकारी, कानपुर विकास प्राधिकरण ……… प्रतिवादी
________________________________________
________________________________________
________________________________________
• मांगी गई सूचनाएँ:
o 2020–2025 के बीच आवंटित प्लॉट का विवरण
o लाभार्थियों की सूची एवं चयन मापदंड
o फाइल नोटिंग एवं आंतरिक पत्राचार
• PIO ने दिनांक 5 सितम्बर 2025 को आंशिक रूप से सूचना देने से इंकार किया
• प्रथम अपील दिनांक 20 सितम्बर 2025 को दायर की गई
• प्रथम अपीलीय प्राधिकारी ने 15 अक्टूबर 2025 को अपील खारिज कर दी
________________________________________
• सार्वजनिक संसाधनों का आवंटन सार्वजनिक जांच के अधीन होना चाहिए
• आवास योजना सरकारी योजना है, अतः इससे संबंधित जानकारी सार्वजनिक है
________________________________________
o यह सरकारी आवंटन प्रक्रिया है
________________________________________
• पारदर्शिता भ्रष्टाचार को रोकने का महत्वपूर्ण साधन है
• सुप्रीम कोर्ट ने कई मामलों में कहा है कि “जनहित, गोपनीयता से ऊपर है”
________________________________________
• फाइल नोटिंग निर्णय लेने की प्रक्रिया को दर्शाती है
• इसे छिपाना पारदर्शिता के विरुद्ध है
________________________________________
o धारा 6
o धारा 8(1)(d)
o धारा 8(1)(j)
o धारा 19
• भारतीय संविधान
o अनुच्छेद 19(1)(a) – अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता
o अनुच्छेद 21 – जीवन एवं व्यक्तिगत स्वतंत्रता
________________________________________
रविन्द्र कुमार ……… अपीलकर्ता
बनाम
लोक सूचना अधिकारी, कानपुर विकास प्राधिकरण ……… प्रतिवादी
________________________________________
1. प्रस्तावना (Introduction)
यह अपील सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के अंतर्गत दायर की गई है, जिसमें अपीलकर्ता द्वारा मांगी गई सूचनाओं को अनुचित रूप से अस्वीकार कर दिया गया है। यह मामला पारदर्शिता, उत्तरदायित्व तथा जनहित से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न उठाता है।________________________________________
2. अधिकार क्षेत्र (Jurisdiction)
माननीय राज्य सूचना आयोग को इस वाद की सुनवाई का अधिकार सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 19(3) के अंतर्गत प्राप्त है।________________________________________
3. तथ्यों का संक्षिप्त विवरण (Statement of Facts)
• अपीलकर्ता ने दिनांक 10 अगस्त 2025 को RTI आवेदन दायर किया• मांगी गई सूचनाएँ:
o 2020–2025 के बीच आवंटित प्लॉट का विवरण
o लाभार्थियों की सूची एवं चयन मापदंड
o फाइल नोटिंग एवं आंतरिक पत्राचार
• PIO ने दिनांक 5 सितम्बर 2025 को आंशिक रूप से सूचना देने से इंकार किया
• प्रथम अपील दिनांक 20 सितम्बर 2025 को दायर की गई
• प्रथम अपीलीय प्राधिकारी ने 15 अक्टूबर 2025 को अपील खारिज कर दी
________________________________________
4. विचारणीय प्रश्न (Issues for Consideration)
- 1. क्या मांगी गई सूचना RTI अधिनियम के अंतर्गत प्राप्त की जा सकती है?
- 2. क्या धारा 8(1)(j) एवं 8(1)(d) के तहत सूचना देने से इंकार उचित है?
- 3. क्या इस मामले में व्यापक जनहित सूचना के प्रकटीकरण को उचित ठहराता है?
- 4. क्या फाइल नोटिंग एवं आंतरिक पत्राचार उपलब्ध कराए जा सकते हैं?
5. तर्क (Arguments Advanced)
मुद्दा 1: मांगी गई सूचना RTI के अंतर्गत प्राप्त की जा सकती है
• RTI अधिनियम का उद्देश्य पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करना है• सार्वजनिक संसाधनों का आवंटन सार्वजनिक जांच के अधीन होना चाहिए
• आवास योजना सरकारी योजना है, अतः इससे संबंधित जानकारी सार्वजनिक है
________________________________________
मुद्दा 2: धारा 8(1)(j) एवं 8(1)(d) का गलत प्रयोग
- धारा 8(1)(j) केवल निजी जानकारी पर लागू होती है
- यहाँ लाभार्थियों को सार्वजनिक योजना के तहत लाभ मिला है, इसलिए यह निजी नहीं है
- धारा 8(1)(d) (व्यावसायिक गोपनीयता) लागू नहीं होती क्योंकि:
o यह सरकारी आवंटन प्रक्रिया है
________________________________________
मुद्दा 3: व्यापक जनहित (Larger Public Interest)
• यदि आवंटन में अनियमितता है, तो उसका खुलासा जनहित में है• पारदर्शिता भ्रष्टाचार को रोकने का महत्वपूर्ण साधन है
• सुप्रीम कोर्ट ने कई मामलों में कहा है कि “जनहित, गोपनीयता से ऊपर है”
________________________________________
मुद्दा 4: फाइल नोटिंग एवं आंतरिक पत्राचार
• CIC के कई निर्णयों में फाइल नोटिंग को सूचना माना गया है• फाइल नोटिंग निर्णय लेने की प्रक्रिया को दर्शाती है
• इसे छिपाना पारदर्शिता के विरुद्ध है
________________________________________
6. प्रासंगिक विधि (Relevant Laws)
• सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005o धारा 6
o धारा 8(1)(d)
o धारा 8(1)(j)
o धारा 19
• भारतीय संविधान
o अनुच्छेद 19(1)(a) – अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता
o अनुच्छेद 21 – जीवन एवं व्यक्तिगत स्वतंत्रता
________________________________________
7. प्रार्थनाएँ (Prayer)
अतः माननीय आयोग से विनम्र प्रार्थना है कि:- 1. प्रतिवादी को समस्त मांगी गई सूचना प्रदान करने का आदेश दिया जाए
- 2. सूचना देने से इंकार को अवैध घोषित किया जाए
- 3. लोक सूचना अधिकारी पर उचित दंड लगाया जाए
- 4. न्यायहित में अन्य उपयुक्त आदेश पारित किया जाए
दिनांक:
स्थान:
(अपीलकर्ता के अधिवक्ता)
मनोज कुमार
स्थान:
(अपीलकर्ता के अधिवक्ता)
मनोज कुमार
Memorial की PDF
Moot Court Memorial (अपीलकर्ता की
ओर से)
Touch here (PDF)
प्रतिवादी (PIO) की ओर से प्रस्तुत मेमोरियल
Touch here
MOOT COURT PROBLEM – 3: Ravindra Kumar (Appellant) Versus PIO, KDA (Respondent)
Touch here
(नोट: ये मेमोरियल केवल सैम्पल मात्र है, कोई विधिक सलाह नहीं।)

0 Comments
Thanks for comment!