| भाग 1 | धारा 1–2 | संक्षिप्त नाम, विस्तार और प्रवर्तन; परिभाषाएँ: अपराध, व्यक्ति, लोक सेवक, दस्तावेज, संपत्ति, न्यायालय आदि |
| भाग 2 | धारा 3–23 | दंड: मृत्यु, आजीवन कारावास, कारावास (साधारण/कठोर), जुर्माना, सामुदायिक सेवा; दंड निर्धारण, पुनरावृत्ति, जुर्माने की वसूली, कारावास के सिद्धांत |
| भाग 3 | धारा 24–44 | सामान्य अपवाद: सद्भावना में कार्य, भूल, दुर्घटना, 7 वर्ष से कम आयु के बालक का कृत्य, मानसिक विक्षिप्तता, निजी प्रतिरक्षा, आवश्यकता |
| भाग 4 | धारा 45–62 | अपराध का प्रयास, आपराधिक षड्यंत्र, दुष्प्रेरण, सामूहिक दायित्व |
| भाग 5 | धारा 63–74 | राज्य के विरुद्ध अपराध: भारत की संप्रभुता के विरुद्ध, युद्ध छेड़ना, राष्ट्रद्रोहात्मक कृत्य, आतंकवादी कृत्य |
| भाग 6 | धारा 75–84 | सशस्त्र बलों से संबंधित अपराध: विद्रोह के लिए उकसाना, सैनिक अनुशासन भंग |
| भाग 7 | धारा 85–110 | लोक शांति के विरुद्ध अपराध: अवैध जमाव, दंगा, साम्प्रदायिक हिंसा, सार्वजनिक उपद्रव |
| भाग 8 | धारा 111–124 | लोक सेवकों से संबंधित अपराध: लोक सेवक के कार्य में बाधा, आदेश की अवहेलना, भ्रष्ट आचरण |
| भाग 9 | धारा 125–136 | चुनाव संबंधी अपराध: मतदाता को प्रभावित करना, रिश्वत, मतदान में बाधा |
| भाग 10 | धारा 137–158 | न्याय प्रशासन के विरुद्ध अपराध: झूठी गवाही, साक्ष्य से छेड़छाड़, न्यायालय की अवमानना |
| भाग 11 | धारा 159–168 | नकली मुद्रा व सरकारी स्टाम्प: जाली नोट बनाना, सरकारी मुहर/स्टाम्प की जालसाजी |
| भाग 12 | धारा 169–189 | लोक स्वास्थ्य, सुरक्षा, शिष्टाचार: खाद्य पदार्थों में मिलावट, सार्वजनिक स्वास्थ्य को खतरा, लापरवाही से मृत्यु |
| भाग 13 | धारा 190–195 | धर्म से संबंधित अपराध: धार्मिक भावनाओं को ठेस, पूजा स्थल का अपमान |
| भाग 14 | धारा 196–222 | मानव शरीर के विरुद्ध अपराध: हत्या, जानबूझकर हत्या, गैर इरादतन हत्या, चोट, साधारण/गंभीर चोट, आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरण, गर्भपात, अपहरण |
| भाग 15 | धारा 223–254 | महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराध: बलात्कार, सामूहिक बलात्कार, दहेज मृत्यु, बाल तस्करी, यौन उत्पीड़न |
| भाग 16 | धारा 255–303 | संपत्ति के विरुद्ध अपराध: चोरी, उगाही, डकैती, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, संपत्ति का आपराधिक अतिक्रमण |
| भाग 17 | धारा 304–327 | दस्तावेज व संपत्ति चिह्न से संबंधित अपराध: जालसाजी, फर्जी दस्तावेज, नकली हस्ताक्षर |
| भाग 18 | धारा 328–338 | विवाह से संबंधित अपराध: द्विविवाह, विवाह में धोखाधड़ी, पति/पत्नी द्वारा क्रूरता |
| भाग 19 | धारा 339–356 | मानहानि: लिखित/मौखिक मानहानि, अपवाद (सत्य, सार्वजनिक हित) |
| भाग 20 | धारा 357–358 | आपराधिक धमकी, उत्पीड़न व विविध: आपराधिक धमकी, गोपनीयता का उल्लंघन, विविध प्रावधान |
| प्रमुख परिवर्तन |
| राजद्रोह का पुनर्परिभाषण, सामुदायिक सेवा का प्रावधान, डिजिटल अपराधों को शामिल करना, महिलाओं/बच्चों की सुरक्षा को सशक्त करना, संगठित अपराध और आतंकवाद का स्पष्ट उल्लेख |
| निष्कर्ष |
| भारतीय न्याय संहिता, 2023 आधुनिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य न्याय प्रणाली को अधिक प्रभावी, त्वरित और नागरिक-केंद्रित बनाना है। |
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