PM RAHAT Yojana: गरीबों के लिए मोदी की गजब योजना, मिलेंगे 1.5 लाख – Touch here
PM RAHAT Yojana: गरीबों के लिए मोदी की गजब योजना, मिलेंगे 1.5 लाख – Touch here
"पीएम राहत" पहल दुर्घटना पीड़ितों को शीघ्र और सम्मानजनक चिकित्सा देखभाल सुनिश्चित करने के लिए एक ऐतिहासिक और जीवनरक्षक निर्णय है। इस योजना के तहत 1.5 लाख रुपये तक का नकद उपचार उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे प्रभावित परिवारों पर वित्तीय बोझ कम होगा।
"PM RAHAT" योजना : PM RAHAT (Road Accident Victim Hospitalization and Assured Treatment) Scheme
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 13 फरवरी 2026 को PM RAHAT (Road Accident Victims' Hospitalization and Assured Treatment) योजना की शुरुआत की।
यह योजना सड़क दुर्घटना पीड़ितों को बिना पैसे दिए तुरंत इलाज दिलाने के लिए बनाई गई है।
26 फरवरी 2026 को केंद्रीय मंत्री श्री नितिन जयाराम गडकरी की अध्यक्षता में तथा राज्य मंत्रियों श्री अजय टम्टा एवं श्री हर्ष मल्होत्रा की उपस्थिति में हरियाणा के गुरुग्राम में एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई।
अध्ययन बताते हैं कि यदि सड़क दुर्घटना के पीड़ित को पहले एक घंटे के भीतर अस्पताल पहुंचाया जाए, तो लगभग 50% मौतों को रोका जा सकता है।
इस योजना के तहत किसी भी सड़क पर दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को दुर्घटना की तारीख से 7 दिनों तक ₹1.5 लाख तक का कैशलेस इलाज मिलेगा। पीड़ित को अपनी तरफ से कुछ भी खर्च नहीं करना होगा।
दुर्घटना स्थल पर मौजूद कोई भी व्यक्ति पीड़ित को अस्पताल ले जा सकता है। ऐसा करने वाला व्यक्ति गुड सेमेरिटन (Good Samaritan) होगा। वह 112 नंबर पर कॉल करके नजदीकी अस्पताल की जानकारी और एम्बुलेंस की सहायता मांग सकता है।
आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली (ERSS: Emergency Response Support System) 112 हेल्पलाइन के साथ एकीकरण सुनिश्चित करता है कि दुर्घटना पीड़ित स्वर्णिम घंटे के भीतर मिनटों में अस्पताल पहुंचे।
PM RAHAT को eDAR (Electronic Detailed Accident Report) और TMS 2.0 (Transaction Management System) के जरिए पूरी तरह डिजिटल बनाया गया है।
दुर्घटना की रिपोर्ट से लेकर अस्पताल में भर्ती, पुलिस की मंजूरी, इलाज और भुगतान — सब कुछ ऑनलाइन होगा।
गंभीर मामलों में पुलिस को 48 घंटे और सामान्य मामलों में 24 घंटे के भीतर डिजिटल प्रणाली पर पुष्टि करनी होगी, लेकिन इस दौरान पीड़ित का इलाज बिना रुके जारी रहेगा।
अस्पतालों को इलाज का पैसा Motor Vehicle Accident Fund (MVAF) से दिया जाएगा।
बीमित वाहन के मामलों में बीमा कंपनियाँ और हिट-एंड-रन मामलों में केंद्र सरकार भुगतान करेगी।
राज्य स्वास्थ्य एजेंसी की मंजूरी के बाद 10 दिनों के भीतर भुगतान होगा।
पीड़ितों की शिकायतें सुनने के लिए जिला स्तर पर जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित जिला सड़क सुरक्षा समिति द्वारा एक शिकायत निवारण अधिकारी नियुक्त किया जाएगा, ताकि हर स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।
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